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100+ धर्म पर अनमोल विचार | Quotes About Religion In Hindi

“जिस समाज में धार्मिक व्यक्ति निवास करते हैं वहां अधर्म अपने आप समाप्त हो जाता है!!”
“जो मनुष्य धार्मिक हैं वह दुःख को सुख में बदलना जानता है!!”
“धार्मिक व्यक्ति दुःख को सुख में बदलना जानता है!!”
धर्म पर सर्वश्रेष्ठ अनमोल विचार
“धर्म विशवास पर आधारित है कृपया इसका आधार अंधविश्वास को ना बनाएं!!”
“ईश्वर हर वस्तु में है और सबके ऊपर भी!!”
“अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है!!”
“भगवान का कोई धर्म नहीं है !!”
“अपनी रोशनाई का एक कतरा ही दे दे ए मालिक, मैं तेरी कायनात का बेनाम सा जर्रा हूँ !!”
Quotes About Religion In Hindi
“पैर की मोच और छोटी सोच हमें आगे बढ़ने नहीं देती, टूटी कलम और औरों से जलन खुद का भाग्य लिखने नहीं देती, काम का आलस और पैसों का लालच हमें महान बनने नहीं देता, अपना मजहब ऊँचा और गैरों का ओछा ये सोच हमें इन्सान बनने नहीं देती !!”
“भगवान् कहते है की हर बार संभाल लूँगा, गिरो तुम चाहे जितनी भी बार, बस गुजारिश एक ही है की कभी मेरी नजरों से न गिरना !!”
“ग़ालिब ने यह कह कर तोड़ दी माला, गिनकर क्यूँ नाम लूँ उसका जो बेहिसाब देता है !!”
“कहते हैं कि धर्म के बिना इंसान लगाम के बिना घोड़े की तरह है!!”
“धर्म अत्यंत छोटा शब्द है परन्तु इसका अर्थ अत्यंत विस्तृत है!!”
“मनुष्य की धार्मिक वृत्ति ही उसकी सुरक्षा करती है!!”
“इंसान का सबसे बड़ा और सबसे पहला धर्म इंसानियत है!!”
“पर हित सरिस धर्म नहिं भाई, पर-पीड़ा सम नहिं अधमाई!!”
“हर सुबह उठो और भगवान् का शुक्रिया करो जिसने एक और सुबह दी हैं!!”
“भगवान सबके लिये समान हैं उसका कोई धर्म नहीं है!!”
“जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है!!”
धार्मिक अनमोल विचार
“धर्म का अर्थ है आत्मा का परमात्मा से मिलन!!”
“मनुष्य की धार्मिक वृत्ति ही उसकी सुरक्षा करती है!!”
“हर क्रिया में भगवान का आभार माने फिर भगवान आपकी राह आसान कर देंगे!!”
“धर्म एक आदत के सामान है इसका स्वयं पालन करना आवश्यक है दूसरों को पालन करवाने के लिए ज़बरदस्ती करना नहीं!!”
“हम भगवान से ये प्रार्थना करें की हमारे उपर कोई खतरे ना आये। बल्कि उनका सामना करने में हम हमेशा निडर रहें!!”
“तलाश ना कर मुझे जमीन-ओ-आसमान की गर्दिशों में, अगर मैं तेरे दिल में नहीं हूँ तो कहीं पर भी नहीं हूँ !!”
धर्म पर अनमोल विचार
“जितना मन से पवित्र रहोगे उतना ही भगवान् से करीब रहोगे, क्यूंकि सदैव पवित्रता में ही भगवान का वास होता है !!”
“संस्कृति मन और आत्मा का विस्तार है !!”
“तू करता वही है जो तू चाहता है, पर होता वही है जो मैं चाहता हूँ, तू कर वही जो मैं चाहता हूँ, फिर होगा वही जो तू चाहता है !!”
“सुख भी बहुत है और परेशानिया भी बहुत है, जिन्दगी में लाभ है तो हानिया भी बहुत है, क्या हुआ जो प्रभु ने थोड़े गम दे दिए, उसकी हम पर महेरबानिया भी बहुत है !!”
“जरुरत भर का खुदा सबको देता है, परेशान है लोग इस वास्ते की बेपनाह मिले !!”
“आदमी भगवान् से लाखो करोड़ों की चाहत रखता है, लेकिन जब मंदिर जाता है तो जेब में सिक्के ढूंढता है !!”
“कोई तो है जो फैंसला करता है पथ्थरों के मुकद्दर का, किसे ठोकरों पर रहना है और किसे भगवान् होना है !!”
“इश्वर के मार्ग पर जब कोई एक कदम बढाता है तो, इश्वर उसे थामने के लिए सौ कदम आगे बढ़ते है !!”
“मेरा मजहब तो ये दो हथेलियाँ बताती है, जुड़े तो पूजा और खुले तो दुआ कहलाती है !!”
“हमारी खुशकिस्मती यह है की हम भगवान को एक मानते है, पर बदकिस्मती यह है की हम भगवान की एक नहीं मानते !!”
“मैं ऐसे धर्म में मानता हूँ जो, स्वतंत्रता, समानता और भाई चारा सिखाये !!”
“मैं हर बार आजमाता हूँ की इश्वर है की नहीं, पर उसने एक बात भी सबुत नहीं माँगा की मैं इन्सान हूँ की नहीं !!”
Religious Quotes in Hindi
“जो कुछ भी मैंने खोया वह मेरी नादानी है, और जो कुछ भी मैंने पाया वह रब की महेरबानी है !!”
“पलकें झुके और नमन हो जाए, मस्तक झुके और वंदन हो जाए, एसी नजर कहाँ से लाऊ की, तुझे याद करूँ और तेरा दर्शन हो जाए !!”
“पैसा घर तक साथ रहेगा और परिवार स्मशान तक, जबकी कर्म और धर्म इस लोक के साथ परलोक में भी साथ रहेगा !! भगवान का कोई धर्म नहीं है !!”
“किसी भी धर्म में किसी धर्म को बनाए रखने और बढाने के लिए दूसरों को मारना नहीं बताया गया!!”
“विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता!!”
“जेन एकमात्र धर्म है जो एकाएक आत्मज्ञान सीखता है. इसका कहना है कि आत्मज्ञान में समय नह लगता, ये बस कुछ ही क्षणों में हो सकता है!!”
“जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है!!”
“मैं निराकार हूँ और सर्वत्र हूँ!!”
“मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है । सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन!!”
धर्म पर सुविचार
“मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता , समानता , और भाई -चारा सीखाये!!”
“धर्म का पालन इस प्रकार होना चाहिए की सबका कल्याण हो परन्तु किसी की भी हानि ना हो!!”
“आपका कार्य जगत कल्याण के लिए ना सिर्फ प्राथना करना है अपितु प्रयास करना भी है यही सच्चा धर्म है!!”
“धर्म से दूर रह कर आप मोक्ष से नज़दीकी नहीं बना सकते!!”
“धर्म और अधर्म के बीच पूर्णता फ़र्क़ करने वाला व्यक्ति धर्मात्मा है!!”
“धर्म से जुड़े रहना व्यक्ति को अधर्म से अलग कर देता है!!”
“धर्म का उद्देश्य मनुष्य को रास्ता भटकने से बचाना है!!”
“धर्म मानव शरीर के आत्मा है इसका पालन करना अत्यंत आवश्यक है!!”

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