बंद कर दिए हैं हमने तो दरवाजे इश्क के, पर कमबख़्त तेरी यादें तो दरारों से ही चली आई।
उन दिनों घर से अजब रिश्ता था, सारे दरवाज़े गले लगते थे।दरवाज़ा शायरी 4 लाइन
दिल के दरवाजे पर एक चौकीदार बैठा है पगली, जो तेरे आलावा किसी और को अंदर घुसने ही नहीं देता।Darwaza Status
जब भी उनकी गली से गुज़रता हूँ, मेरी आंखें एक दस्तक दे देती है।
दुःख ये नहीं वो दरवाजा बंद कर देते है, खुशी ये है वो मुझे अब भी पहचान लेते हैं।
कुछ मुलाकाते दरवाजे खोल जाती है, या तो दिल के या तो आंखो के।
ज़रूरी नहीं कि दस्तक या आहट हमेशा दरवाज़े पर भी हो, कई बार कुछ ख़ास मेहमान दिल पर भी दस्तक देते हैं।
कुछ मै थका कुछ मेरे हालात थके, वो जुगनू थके वो गुज़रती रात थके।Darwaza Status
मै फिर भी खड़ा रहा हाथ पर दिल के जज़्बात रखे, कभी तेरा दरवाजा थका कभी दस्तक देते मेरे हाथ थके।
हम ने जब कोई भी दरवाज़ा खुला पाया है, कितनी गुज़री हुई बातों का ख़याल आया है।
क़ाफ़िला दर्द का ठहरेगा कहाँ हम-सफ़रो, कोई मंज़िल है न बस्ती न कहीं साया है।दरवाज़ा शायरी 2 लाइन - Darwaza Status
लगी रहती हैं निगाहे अब दरवाज़े पर, शायद कोई उनका पैगाम आ जाये।
सारी रात मेरे घर का दरवाज़ा खुला रहा इंतज़ार में, मैं उनकी राहे देखता रहा और वो रास्ता बदल चले गए।
काश तेरे दिल में भी एक दरवाज़ा होता जानम हम अंदर जाकर कुण्डी लगा देते सदा के लिए।
मैंने दिल के दरवाजे पर लिखा अंदर आना सख्त मना है प्यार हँसता हुआ आया और बड़ी मासूमियत से बोला, मुझे माफ करना मैं तो अन्धा हूँ।
रातो में घर का दरवाज़ा खुला रखती हूँ, काश कोई लुटेरा आये और मेरे ग़मों को लुट ले जाए।दरवाज़ा शायरी 4 लाइन
तेरे वादे को कभी झूट नहीं समझूँगा कल की रात भी दरवाज़ा खुला रखूँगा।
खटखटाए न कोई दरवाजा, बाद मुद्दत मैं खुद में आया हूँ, एक ही शख़्स मेरा अपना है, मैं उसी शख़्स से पराया हूँ।दरवाज़ा शायरी 2 लाइन
कुछ मुलाकाते दरवाजे खोल जाती है, या तो दिल के या तो आंखो के।
जरा देखो तो ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है, अगर इश्क हो तो कहना अब दिल यहाँ नही रहता।दरवाज़ा स्टेटस
मैंने दिल के दरवाजे पर चिपका दी है एक चेतावनी, फ़ना होने का दम रखना तभी भीतर कदम रखना।
तहजीब सिखा दी मुझे एक छोटे से मकान ने, दरवाजे पर लिखा था थोडा झुक कर चलिये।Door Status In Hindi
दिल के दरवाजे पर कोई दस्तक नही होती, तेरा जिक्र होते ही दरो दीवार महकने लगते है।
भाग्य के दरवाजे पर सर पीटने से बेहतर है, कर्मो का तूफ़ान पैदा करें सरे दरवाजे खुल जायेंगे।
दरवाज़ा अपने घर का खुला रखना, जाने वाले शायद लौट के आ जाए।